संवाददाता: प्रभात मोहंती
विधायक ने जिला मितानिन भवन का किया शुभारंभ
स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास एवं सामाजिक योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
महासमुंद : स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन के अंतर्गत टाउन हॉल, महासमुंद में 22 जनवरी को जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष निखिल कांत, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पवन पटेल, पार्षद राजू चंद्राकर, संदीप घोष एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहें। अतिथियों का स्वागत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधा भेंट कर किया गया।
इस अवसर पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने जिला मितानिन भवन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जिला मितानिन भवन को जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि मितानिन बहनें ग्रामीण एवं शहरी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे सशक्त और भरोसेमंद कड़ी हैं। वे घर-घर जाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता, परिवार नियोजन तथा विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर आमजन को जागरूक करती हैं।
उन्होंने कहा कि मितानिन बहनों का कार्य केवल सेवाभाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रही हैं। कठिन परिस्थितियों में भी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए वे शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। विधायक श्री सिन्हा ने कहा कि मितानिन बहनों के योगदान को सम्मान और सशक्तिकरण देना पूरे समाज का दायित्व है।
नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध समाज की नींव है। शासन की स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, इसके लिए जनसंवाद जैसे कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने मितानिन बहनों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मितानिन बहनें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, जो घर-घर तक जागरूकता का कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों की मितानिन बहनों का सम्मान किया गया तथा यह भी घोषणा की गई कि 23 नवंबर को प्रतिवर्ष मितानिन दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
जनसंवाद में स्वास्थ्य विभाग से बीएमओ डॉ. विकास चंद्राकर ने क्षेत्र की प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर बीपीएम सुरेंद्र, श्री मुकुंद एवं डॉ. गिरीश भी उपस्थित रहे और विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किलकारी योजना, मानसिक स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही हितग्राहियों को आवश्यक सूचना सामग्री का वितरण भी किया गया।
वक्ताओं ने महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर जोर दिया। सखी वन स्टॉप सेंटर से संबंधित जानकारी अधिवक्ता सुश्री दुर्गा ज्योति राव द्वारा दी गई। उन्होंने महिलाओं को कानूनी सहायता, परामर्श एवं संरक्षण से जुड़ी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उपभोक्ता फोरम की जानकारी साझा कर नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही बिहान समूह की योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई, जिससे स्व-सहायता समूहों की भूमिका को सुदृढ़ किया जा सके।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया, जिससे उनके मनोबल में वृद्धि हुई। इस अवसर पर जिला समन्वयक जागृति बरेठा, एसपीएस हेमवती यादव, ममता यादव, एमटी रानी शर्मा, चमेली निर्मलकर, छत्ररानी धुरु, समस्त मितानिन बहनें, वीएचसी सदस्य एवं बिहान समूह के सदस्य उपस्थित रहे। सम्मेलन में लगभग 450 महिलाएं शामिल हुए।















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