महासमुंद : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महासमुंद जिले के बिरकोनी में आयोजित महिला समूहों के पैरा आर्ट प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हुआ। कार्यक्रम में रायपुर संभाग के संभागायुक्त महादेव कावरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने महिला समूहों द्वारा धान के पैरा से निर्मित कलाकृतियों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार एवं बिरकोनी के सरपंच भी उपस्थित रहे। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में कुल 32 महिलाओं ने भाग लिया। सहेली हस्तशिल्प नवागढ़ की टीम द्वारा महिलाओं को धान के पैरा से आकर्षक सजावटी सामग्री एवं हस्तशिल्प तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
यह पहल “वेस्ट टू वेल्थ” अर्थात कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने की सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही। समापन समारोह को संबोधित करते हुए संभागायुक्त कावरे ने कहा कि केवल प्रशिक्षण लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर अभ्यास और मेहनत से इसे आजीविका का साधन बनाना ही असली उद्देश्य है। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इस कला के माध्यम से प्रत्येक महिला को प्रतिमाह 6 से 7 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित करने का लक्ष्य रखना चाहिए ।
उन्होंने उत्पादों के विपणन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि तैयार कलाकृतियों की बिक्री के लिए आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाए। साथ ही राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इन उत्पादों के स्टॉल लगाकर प्रदर्शित करने से स्थानीय कला को पहचान मिलेगी और महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि होगी। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा उनके उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।















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