संवाददाता: प्रभात मोहंती
महासमुंद : अंतरास्ट्रीय आध्यात्मिक संस्थान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक और युग परिवर्तन में निराकार परमपिता परमात्मा शिव के साकार माध्यम बने पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57वी पुन्य स्मृति दिवस सेवाकेंद्र उपकार भवन में मनाया गया , सेवाकेंद्र को पुष्पो से सजाकर वातावरण को अलौकिक रूप दिया गया, ब्रम्हा बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित करने आसपास के गांव से भी भाई बहन पहुंचे, विश्व को शांति का सन्देश देने के कारण 18 जनवरी को संस्थान विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है,
सेवाकेंद्र संचालिका ब्रम्हा कुमारी प्रीती दीदी ने पिताश्री के नाम शिव परमात्मा को भोग स्विकार कराया और बताया ये वही ब्रम्हा है जिन्हें संसार अनेकों शास्त्रों अनुसार आदि देव या आदम के नाम से जानती है, वेद अनुसार ब्रम्हा को सृष्टि का रचयिता कहां गया,
निराकार परमपिता परमात्मा कलयुग के अन्तिम श्रणो में अपने साकार माध्यम प्रजापिता ब्रम्हा द्वारा अनेक धर्मों का विनाश और एक सत धर्म की पुनः स्थापना करते हैं, बाबा इतना निरहंकारी थे कहते थे निन्दा हमारी जो करें मित्र हमारा होए , सभी को प्रेम वा सम्मान देना , विनम्रता , दुसरो के गुणों को निखारने की क्षमता, पवित्रता और ईश्वर से निरन्तर जुड़ाव उनकी विशेषता रही















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