सुभाष गुप्ता
29 से 31 दिसंबर को वर्क आफ्टर ब्रेक के थीम पर कार्यालयों में लटकेंगे ताले
सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारी अधिकारी 29 से 31 दिसंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। इस आंदोलन का ऐलान प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के सबसे बड़े संयुक्त संगठन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने किया है। हड़ताल को सफल बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी चल रही है। संभाग स्तर पर 13 दिसंबर से बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में सरगुजा संभाग की बैठक सूरजपुर में फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा की उपस्थिति में 19 दिसंबर को आयोजित की गई है। जिला संयोजक डॉ आर एस सिंह ने बताया कि शासकीय कर्मचारी अधिकारी 29 से 31 दिसंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। आंदोलन की तारीखों की लिखित सूचना शासन प्रशासन को दे दी गई है। 16 जुलाई से चल रहा है चरणबद्ध आंदोलन
फेडरेशन की तरफ से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। प्रथम चरण में 16 जुलाई 2025 को जिला कलेक्टरों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। 22 अगस्त 2025 को फेडरेशन के नेतृत्व में कलम बंद-काम बंद आंदोलन के तहत सामूहिक अवकाश लेकर जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया गया। साथ ही ज्ञापन भी सौंपा गया था। सरकार की अनदेखी से कर्मचारियों में नाराजगी है जिला संयोजक महिला प्रकोष्ठ श्रीमती प्रतिमा सिंह ने बताया कि फेडरेशन की तरफ से “मोदी की गारंटी” के तहत किए गए वादों को पूरा करने की मांग की जा रही है।
इसके लिए आंदोलन के माध्यम से लगातार शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक निराकरण के लिए त्वरित कार्यवाही नहीं होने के कारण प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी काफी आक्रोशित हैं। फेडरेशन की प्रांतीय कोर कमेटी की हुई बैठक में 29 से 31 दिसंबर तक (तीन दिवसीय) निश्चितकालीन आंदोलन करने का निर्णय लिया है। जिला मीडिया प्रभारी राधेश्याम साहू व रमेश राजवाड़े ने बताया कि 29 से 31 दिसंबर तक घोषित हड़ताल को सफल बनाने के लिए संभाग स्तरीय बैठकों का कार्यक्रम जारी कर दिया है।
संबद्ध सभी संगठनों के पदाधिकारी होंगे। संभाग स्तर पर होने वाली इन बैठकों में फेडरेशन से संबद्ध सभी प्रांत अध्यक्ष/महामंत्री,संभाग के समस्त पदाधिकारीगण, जिला संयोजक/महासचिव शामिल होंगे।
प्रमुख मांगे :-
- मोदी की गारंटी अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) दिया जाए।
- मोदी की गारंटी अनुसार वर्ष 2019 से लंबित DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
- प्रदेश के लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
- प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान कमशः 8,16,24,32 वर्ष में दिया जाए।
- सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
- प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू की जाए।
- प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए।
- मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
- प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिया जाय। साथ ही प्रदशे के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाये।
- प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।
- प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अनियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाए।






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