सूरजपुर

स्वास्थ्य सिस्टम फेल: सूरजपुर में अस्पताल मिला बंद, महिला ने कार में ही दिया बच्चे को जन्म

स्वास्थ्य सिस्टम फेल:  सूरजपुर में अस्पताल मिला बंद, महिला ने कार में ही दिया बच्चे को जन्म

सुभाष गुप्ता 

लांजीत स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही पर ग्रामीणों में तेज आक्रोश

सूरजपुर :  ओडगी।जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लांजीत ग्राम पंचायत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को घोर लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका देखकर परिजन और ग्रामीण स्तब्ध रह गए। किसी भी स्वास्थ्यकर्मी की मौजूदगी नहीं होने के कारण महिला का प्रसव अस्पताल के बाहर ही कार के अंदर कराना पड़ा।मरीज की पहचान संगीता टोप्पो (28 वर्ष), पति सुखलाल टोप्पो, ग्राम लांजीत,प्राप्त जानकारी के अनुसार, गर्भवती संगीता टोप्पो को रविवार सुबह परिजन प्रसव पीड़ा बढ़ने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाए थे। स्थिति गंभीर थी,लेकिन बरामदे तक पहुँचने से पहले ही उन्हें अस्पताल की वास्तविकता देखनी पड़ी पूरा केंद्र ताला बंद,न कोई स्टाफ, न कोई सहायता।स्थानीय महिलाओं ने बचाई मां और बच्चे की जान,अस्पताल में मदद न मिलने पर मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने अत्यंत साहस दिखाते हुए स्वयं प्रसव कराने का निर्णय लिया। कार के अंदर ही तकलीफ से चिल्ला रही संगीता को संभालते हुए लगभग आधे घंटे की मेहनत के बाद एक स्वस्थ बच्चे का जन्म कराया गया। यह स्थिति इतनी गंभीर थी कि थोड़ी भी देर होने पर बड़ा हादसा हो सकता था।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लांजीत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का ताला बंद रहना कोई नई बात नहीं है।अक्सर मरीज उपचार के लिए आते हैं, लेकिन अस्पताल बंद मिलता है और स्टाफ अपनी जिम्मेदारी से गायब रहता है।

एक ग्रामीण ने बताया 

यहां स्टाफ महीनों से मनमानी कर रहा है। रात हो या दिन, ज़रूरत के समय अस्पताल का ताला खुला मिल जाए, यह किस्मत की बात है।”

विरोध बढ़ने पर दो घंटे बाद खुला अस्पताल

ग्रामीणों के आक्रोश और भीड़ बढ़ने पर करीब दो घंटे बाद अस्पताल खोला गया। तब जाकर जच्चा और बच्चा दोनों को भर्ती कर प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल भीड़ शांत करने के लिए की गई, जबकि जिम्मेदार कर्मचारी इस बड़ी लापरवाही के असली दोषी हैं।स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल,यह घटना जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं पर कई बड़े सवाल खड़े करती है। प्रसव जैसे संवेदनशील मामलों में अस्पताल बंद क्यों?ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी कहाँ गायब थे?ग्रामीणों को कब तक ताला बंद अस्पतालों के भरोसे रखा जाएगा? स्वास्थ्य विभाग ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई कब करेगा?

कार्रवाई की मांग तेज

घटना के बाद ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्च अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कर क्षेत्रीय आंदोलन शुरू करेंगे।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और 24 घंटे आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराने की मांग की है।

डॉ कपिल पर
स्वास्थ्य केंद्र के सभी स्टाफ को नोटिस जारी कल तक मांगा जवाब

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