टॉप स्टोरी

मातृशक्ति के खातों में पहुँची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त

मातृशक्ति के खातों में पहुँची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 67.20 लाख माताओं और बहनों के खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए 630.55 करोड़ रुपये

महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का मजबूत संकल्प, योजना के तहत अब तक 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का वितरण

महतारी वंदन योजना मातृशक्ति के सम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवारों की समृद्धि का अभियान - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 20 हजार 125 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 630 करोड़ 55 लाख 54 हजार 300 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार तथा संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की उन प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जब माताएं और बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, तब परिवार मजबूत होता है, बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है और समाज विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता है। इसलिए मातृशक्ति का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह योजना केवल प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। प्रदेश के लाखों परिवारों में यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोग हो रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भूमिका और अधिक सशक्त हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर रही हैं। कई माताएं अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में नियमित निवेश कर रही हैं। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, किराना दुकान, सब्जी विक्रय, पशुपालन, अगरबत्ती निर्माण तथा अन्य छोटे स्वरोजगार शुरू कर अपनी आय बढ़ाई है। इससे वे न केवल परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी प्रस्तुत कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। महतारी वंदन योजना इसी सोच का परिणाम है, जिसमें हर महीने बिना एक हजार रुपए की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। डीबीटी व्यवस्था ने पारदर्शिता बढ़ाई है और महिलाओं में शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा वित्तीय समावेशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना इन सभी प्रयासों का महत्वपूर्ण आधार बनकर महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान प्रदान कर रही है।

1 मार्च 2024 से पूरे प्रदेश में लागू है योजना : 30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान

महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। आज जारी की गई 30वीं किस्त के बाद योजना के अंतर्गत वितरित कुल राशि बढ़कर 19 हजार 444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक हो गई है।महतारी वंदन योजना का प्रभाव अब प्रदेश के लाखों परिवारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है, घरेलू निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत हुई है तथा बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा है। अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों तथा छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करना प्रारंभ किया है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण ही समावेशी विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। महतारी वंदन योजना इसी सोच को साकार करते हुए मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान कर रही है तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email