PM Modi Meeting : कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को विभागीय सचिवों के साथ बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। शीर्ष नौकरशाही के साथ यह उनकी दूसरी अहम बैठक होगी, जिसमें नियमों में ढील, उदारीकरण और सुधारों पर महामंथन होगा ताकि ‘व्यापार करने में आसानी’ और 'जीवन जीने में आसानी' को नई गति दी जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा समाप्त कर आज (सोमवार ) दिल्ली लौटेंगे, और मंगलवार को इस ब्रीफिंग में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि यह दो महीने से भी कम समय में शीर्ष नौकरशाही के साथ उनकी दूसरी बड़ी बैठक होने जा रही है।
इससे पहले 21 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए नियामक रोडमैप तैयार करने के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद और केंद्रीय सचिवों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की थी। जानकारी के अनुसार, इस बैठक में उदारीकरण और सुधारों के अलावा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर भी खास फोकस रहने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि प्रत्येक सचिव को प्रधानमंत्री के सामने अपनी प्रस्तुति के लिए तीन मिनट का समय दिया जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि व्यापार और नागरिक जीवन को आसान बनाने के लिए उन्होंने उदारीकरण और सुधार एजेंडे को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए हैं, आगे क्या कर सकते हैं तथा इसमें उनके सुझाव क्या हैं।
विनियमन सुधार पर दो अहम समितियां
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार केंद्र और राज्यों दोनों स्तरों पर विनियमन में ढील तथा सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इस दिशा में अलग-अलग समितियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें से एक उच्च स्तरीय समिति ( HLC-NFRR) की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट सचिव और नीति आयोग सदस्य राजीव गाबा कर रहे हैं।
कैबिनेट सचिवालय ने 19 अगस्त 2025 को इस समिति का गठन किया था। समिति को गैर-वित्तीय क्षेत्र के नियमों, प्रमाणपत्रों, लाइसेंसों और अनुमतियों की समीक्षा का काम सौंपा गया है ताकि 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, लचीला, जनहितैषी और विश्वास-आधारित नियामक ढांचा तैयार किया जा सके। गाबा समिति संबंधित विभागों के साथ अपनी सिफारिशें साझा कर रही है।
दूसरी समिति, जिसे टास्क फोर्स कहा जा रहा है, का नेतृत्व बिहार कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पाठक कर रहे हैं। वर्तमान में वे कैबिनेट सचिवालय में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इस समिति का गठन भी पिछले वर्ष किया गया था। कैबिनेट सचिवालय ने कुछ राज्यों में विनियमन सुधारों को बढ़ावा देने के लिए चयनित सचिवों की भी नियुक्ति की है।(एजेंसी)






























