राष्ट्रीय

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: नारी शक्ति वंदन अधिनियम से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: नारी शक्ति वंदन अधिनियम से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

-पीएम मोदी ने अधिनियम के समर्थन पर विपक्ष की तारीफ भी की

नई दिल्ली : पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे अहम फैसलों में से एक बताया है। सोमवार को उन्होंने कहा कि हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने वाला है। भारत में महिलाओं ने अपनी अलग ही विरासत स्थापित की है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण दिया। उन्होंने अधिनियम के समर्थन पर विपक्ष की तारीफ भी की।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि मैं यहां किसी को उपदेश देने या किसी को जगाने नहीं आया हूं। मैं यहां सिर्फ इस देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था। इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए। इसमें सभी पार्टियों के और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है।

पीएम मोदी ने इस एक्ट पर समर्थन के लिए विपक्ष की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था, तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था। हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने मुखर होकर इस बात पर जोर दिया था कि 2029 में ये लागू हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास और प्राथमिकता है कि इस बार भी ये काम संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो। मुझे पूरा यकीन है कि जिस प्रकार से इस अधिनियम को पारित किया गया था और संसद का गौरव बढ़ा था। इस बार भी सबके सामूहिक प्रयास से संसद की गरीमा और नई ऊंचाइयों को छुएगी।(एजेंसी)

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email