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PM मोदी बोले– ग्लोबल ऑर्डर में उथल-पुथल के बीच भारत–EU ट्रेड डील से खुलेगा नया अध्याय

PM मोदी बोले– ग्लोबल ऑर्डर में उथल-पुथल के बीच भारत–EU ट्रेड डील से खुलेगा नया अध्याय

PM Modi on India EU Trade Deal : भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच आज यानी मंगलवार को ऐतिहासिक ट्रेड डील हो गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-ईयू ट्रेड डील को खूब सराहा और मंगलवार को कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र अपने रिश्ते में निर्णायक अध्याय जोड़ रहे हैं. उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को भारत का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता बताया. उन्होंने कहा कि ग्लोबल ऑर्डर में बड़ी उथल पुथल है. भारत और ईयू की साझेदारी से स्थिरता मिलेगी. आज नए युग की शुरुआत हो रही है.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते के हस्ताक्षर को नई दिल्ली और 27 देशों के समूह के बीच आर्थिक सहयोग के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण बताया. भारत-ईयू ट्रेड डील पर साइन होने के बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता पूरा किया है. 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह एफटीए साइन किया. इससे निवेश बढ़ेगा, नए नवाचार साझेदारी बनेंगी और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी. बता दें कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मौजूद इस दौरान मौजूद थे.

यह ट्रेड डील साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट

पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट है. रिश्तों में तेजी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि ईयू नेताओं ने पहली बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लिया.  उन्होंने आगे कहा, ‘कल एक ऐतिहासिक क्षण था जब पहली बार यूरोपीय संघ के नेता भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने. आज एक और ऐसा ही क्षण है, जब दो प्रमुख लोकतांत्रिक शक्तियां अपने रिश्ते में निर्णायक अध्याय जोड़ रही हैं.’

पीएम मोदी ने कोस्टा की तारीफ में क्या कहा?

अपने समकक्षों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत में अपने दो करीबी मित्रों, राष्ट्रपति कोस्टा और राष्ट्रपति वॉन डेर लेयेन का स्वागत करना खुशी की बात है.’ उन्होंने कहा कि कोस्टा को उनके सरल जीवन और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए ‘लिस्बन की गांधी’ कहा जाता है. वॉन डेर लेयेन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वह यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष बनीं, जो दुनिया के लिए प्रेरणा हैं.

पीएम मोदी ने भारत-ईयू संबंधों की गहराई को रेखांकित करते हुए कहा कि द्विपक्षीय व्यापार लगभग 180 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें रणनीतिक तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल गवर्नेंस में सहयोग शामिल है. एफटीए के घरेलू प्रभाव पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों और एमएसएमई को फायदा होगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर मिलेंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और नवाचार साझेदारी बनेंगी. वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी.

पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार समझौते को व्यापक रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा, जिसमें रक्षा, सुरक्षा और गतिशीलता के लिए व्यापक ढांचा शामिल है. उन्होंने कहा , ‘रक्षा वह आधार है जो हमारे रिश्ते को नया आकार दे रहा है. आतंकवाद-रोधी, समुद्री और साइबर सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा. हमारी रक्षा कंपनियां सह-उत्पादन और सह-विकास के लिए नए अवसर तलाशेंगी.’

ईयू नेताओं के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन, पश्चिम एशिया और इंडो-पैसिफिक पर बातचीत हुई, और दोहराया कि बहुपक्षीयता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का सम्मान हमारी साझा प्राथमिकता है. उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे का भी उल्लेख किया, जो भविष्य की कनेक्टिविटी और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है.

समझौते के पूरा होने की घोषणा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में की गई, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री मोदी ने की, जिसमें वॉन डेर लेयेन और कोस्टा मौजूद थे. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता संतुलित और भविष्य की ओर देखने वाला है, और कानूनी प्रक्रिया के बाद लगभग छह महीने में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे, जिसके बाद यह समझौता अगले साल लागू होने की उम्मीद है. शिखर सम्मेलन का उद्देश्य व्यापार, सुरक्षा और रक्षा, स्वच्छ परिवर्तन और लोगों के बीच सहयोग के क्षेत्र में भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना था.

पीएम मोदी के भाषण की खास बातें

  1. आज ऐतिहासिक अवसर है. विश्व की दो बड़ी लोकतंत्रिक शक्तियां अपने संबंध में निर्णायक अध्याय जोड़ रही हैं.
  2. हमारे बीच 180 बिलियन डॉलर का व्यापार है.
  3. आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा FTA संपन्न किया है.
  4. ऐतिहासिक समझौता किसानों, छोटे उद्योगों को यूरोपीय मार्केट तक पहुंच आसान बनाएगा.
  5. भारत और ईयू FTA निवेश को बढ़ाएगा.
  6. भारत और ईयू के बीच सिर्फ FTA ट्रेड एग्रीमेंट नहीं बल्कि साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट है.
  7. रक्षा और सुरक्षा सहयोग को साझेदारी को औपचारिक रूप हमने दिया है.
  8. ग्लोबल ऑर्डर में बड़ी उथल पुथल है, भारत और ईयू की साझेदारी से स्थिरता मिलेगी.
  9. आज नए युग की शुरुआत है.
  10. यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर हमने चर्चा की.
  11. बहुपक्षवाद और अंतर्राष्ट्रीय नॉर्म्स हमारी साझा प्राथमिकता है.
  12. यहीं से दिशा बदली,. यहीं से एक नया युग शुरू हुआ, आज भारत की और यूरोपियन यूनियन की ये ऐतिहासिक समीट वही क्षण है.
  13. FTA से मैन्युफैक्चरिंग को भी बूस्ट मिलेगा.
  14. काउंटर टेररिज्म और साइबर सिक्योरिटी में सहयोग बढ़ेगा.(एजेंसी)

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