राष्ट्रीय

सबरीमाला चोरी कांड में बड़ा एक्शन: ईडी की 3 राज्यों में 21 ठिकानों पर छापेमारी

सबरीमाला चोरी कांड में बड़ा एक्शन: ईडी की 3 राज्यों में 21 ठिकानों पर छापेमारी

तिरुवनंतपुरम : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज मंगलवार को सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोने की चोरी के मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से की जा रही इस जांच के तहत तीनों राज्यों में कुल 21 स्थानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केरल उच्च न्यायालय की देखरेख में गठित एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) पहले से ही इस मामले की आपराधिक जांच कर रही है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसआईटी अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी की ताजा छापेमारी का मुख्य उद्देश्य अपराध से अर्जित धन के लेन-देन और संपत्ति छिपाने के सुराग ढूंढना है। जांच एजेंसी ने इस संबंध में एक एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है।

मंगलवार सुबह शुरू हुई इस तलाशी अभियान के केंद्र में मुख्य आरोपी और उनसे जुड़े संदिग्ध रहे। ईडी के अधिकारियों ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, सीपीआई(एम) नेता मुरारी बाबू, ए पद्मकुमार और एन वासु के ठिकानों पर सघन तलाशी ली। इसके अलावा, जांच की आंच अन्य राज्यों तक भी पहुँची, जहाँ बेल्लारी के स्वर्ण व्यापारी गोवर्धन और चेन्नई स्थित स्मार्ट क्रिएशंस के सीईओ पंकज भंडारी से जुड़े परिसरों को खंगाला गया।

इन पर मंदिर की स्वर्ण प्लेटों को पिघलाने और अवैध रूप से ठिकाने लगाने में मदद करने का गंभीर आरोप है। राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के मुख्यालय में भी ईडी की टीमों ने दस्तावेजों की जांच की। इसके साथ ही किलिमानूर, बेंगलुरु के श्रीरामपुरा, कोट्टायम, पेटा और अरनमुला में स्थित आरोपियों के निजी आवासों पर भी छापेमारी की खबरें हैं। हालांकि, सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल तांत्रिक कंटारार राजीव के आवास पर कोई तलाशी नहीं ली गई है।

जांच दल विशेष रूप से फंड के स्रोत और पैसे के हस्तांतरण के तरीकों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि जांच के दौरान आय से अधिक या अवैध संपत्ति का पता चलता है, तो उसे कुर्क (अटैच) करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पूरी कार्यवाही का नेतृत्व ईडी की कोच्चि यूनिट के अतिरिक्त निदेशक राकेश कुमार कर रहे हैं। दूसरी ओर, कानूनी मोर्चे पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एसआईटी को निर्देश दिया कि वह सबरीमाला मंदिर परिसर के भीतर अपनी जांच आगे बढ़ाए। इस निर्देश का उद्देश्य चोरी के पीछे की गहरी साजिश और अपराधियों के काम करने के तरीके (मोडस ऑपरेंडी) का पर्दाफाश करना है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्रों से सबूत जुटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।(एजेंसी)

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email