रायपुर

लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद भी राजधानी में मालवाहकों की नो एंट्री, जानिए आला अधिकारियों का क्या है तर्क…

लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद भी राजधानी में मालवाहकों की नो एंट्री, जानिए आला अधिकारियों का क्या है तर्क…

रायपुर। कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर में आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मालवाहकों को जिले की सीमा पर रोककर ई-पास की मांग की जा रही है. अब एक तरफ सरकार ने मालवाहकों को आवाजाही की छूट दी हुई है, दूसरी ओर राजधानी में प्रवेश करने पर मालवाहकों के चालकों से ई-पास मांगा जा रहा है, इससे व्यापारियों के परेशानी पैदा हो गई है.

 

कोरोना ने सभी वर्ग के लिए सिरदर्द पैदा कर दिया है. ऊपर से लॉकडाउन को लेकर जारी आदेश और फिर अधिकारियों की बैठक के बाद लिए गए निर्णय को अमलीजामा पहनाने में जुटे प्रशासनिक अमले की कार्रवाई लोगों के लिए राहत कम समस्या ज्यादा पैदा कर रही है. ऐसी ही दो-चार परेशानियों के इन दिनों राजधानी के व्यापारियों को सामना करना पड़ रहा है. कोरोना के शुरुआती दौर से ही मालवाहकों की आवाजाही पर किसी भी तरह की बंदिश नहीं लगाई गई है, इस तरह के मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार की ओर से स्पष्टीकरण भी किया गया है, लेकिन हर लॉकडाउन में वहीं समस्या सामने आ जा रही है.

सामान लेकर रायपुर पहुंच रहे मालवाहकों को सरहदी इलाकों में ही रोक दिया जा रहा है. ई-पास की मांग की जा रही है, जबकि इस कोई जरूरत ही नहीं है. इस पर रायपुर आरटीओ सैलाभ साहू का कहना है कि मालवाहकों पर रोक लगाने के लिए उनके विभाग की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. यह संभव भी नहीं है, क्योंकि उद्योग चल रहे है, उन्हें कच्चे माल की जरूरत है, ऐसे में मालवाहकों को रोके जाने से काम ठप पड़ जाएगा.

वहीं दूसरी ओर रायपुर एसएसएपी अजय यादव कहते हैं कि मालवाहकों को नहीं रोका जा रहा है. चेक कर जाने दिया जा रहा है. बाहर जाने वालों को जाने दिया जा रहा है, वहीं (शहर में) खाली करने वाले वाहनों को दिन में रोककर रात में उन्हें खाली करने के लिए कहा गया है. वहीं कलेक्टर एस भारतीदासन ने मालवाहकों को रोके जाने के संबंध में बताया कि व्यापारियों के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया जा चुका है कि मालवाहकों को शहर में नहीं आने दिया जाएगा. रिंग रोड होते हुए निकल जाना है.

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