महासमुन्द

नेशनल लोक अदालत में 897 लंबित मामलांे का निराकरण एवं 5,18,62,884/- रूपये की वसूली

नेशनल लोक अदालत में 897 लंबित मामलांे का निराकरण एवं 5,18,62,884/- रूपये की वसूली
प्रभात महंती GCN 
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद, (छ0ग0) के प्रभारी सचिव, सुश्री चित्रलेखा सोनवानी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महासमुन्द द्वारा जानकारी दी गई कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश, श्री भीष्म प्रसाद पांण्डेय, के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व के अधीन आज दिनांक- 13.08.2022 दिन शनिवार को जिला न्यायालय महासमुंद एवं तहसील पिथौरा, सरायपाली स्थित सिविल न्यायालयों में कुल 13 खण्डपीठांे का गठन कर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत की उक्त सभी खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं देयकांे के अवशेष बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले सुनवाई हेतु रखे गये थे। उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि0 की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले, मोटर दुर्घटना दावा संबंधी मामले तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत चोरी के मामले, सिविल मामले भी नियत किये गये थे। उक्त खण्डपीठों मंे उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए जिला महासमुंद स्थित विभिन्न न्यायालयों में कुल प्री-लिटिगेशन 16893 प्रकरणों में सुनवाई पश्चात् सुलह एवं समझौता के आधार पर कुल 11840 प्रकरणों का तथा न्यायालयों में लंबित सिविल वाद, दांडिक मामलांे, मोटर दुर्घटना दावा इत्यादि के कुल 1624 मामलों में सुनवाई पश्चात् सुलह एवं समझौता के आधार पर 897 मामलों का निराकरण किया गया और उनमें रूपये 5,18,62,884/- की राशि के आवार्ड पारित किए गए। इसी प्रकार राजस्व के 9030 प्रकरणों में  8904 प्रकरणों का निराकरण किए गए। विदित हो कि दिनांक 13 अगस्त 2022 को पूरे देश भर मंे माननीय उच्चतम न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक के न्यायालयों मंे एक साथ नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया था, जिसके सफल आयोजन हेतु विगत कई माह से अनवरत तैयारी की जा रही थी और पक्षकारों को नियत सुनवाई दिनांक के पूर्व राजीनामा हेतु नोटिस प्रेषित कर प्री-सीटिंग कर राजीनामा करने हेतु प्रोत्साहित किया गया था। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में महासममुंद अधिवक्तागण एवं न्यायालय के कर्मचारियों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ।   
 
इसी प्रकार मोटरयान दावा के कुल 30 प्रकरणों में 1,63,05,000/- रूपये के अवार्ड पारित किए गए जिससे दुर्घटना में मृत एवं घायल व्यक्तियों एवं उनके परिवारजनों को काफी राहत प्राप्त हुई।  
सफल कहानी-01
आज नेशनल लोक अदालत में खंडपीठ क्रमांक-05 के पीठासीन अधिकारी के समक्ष परिवादी बंसत जैन की उपस्थिति वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से दर्ज किया गया। परिवादी द्वारा वीडियो कान्फ्रेसिंग में बताया गया कि वह अभियुक्त के साथ राजीनामा करना चाहता है। इसी प्रकार परिवादी और अभियुक्त द्वारा आवास में राजीनामा व्यक्त करते हुए राजीनामा करने आवेदन पेश किया गया।   
सफल कहानी-02   
खंडपीठ में अभियुक्त की पहचान वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से दर्ज किया गया। अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र पेश किया गया है। जिसमें से भा.दं.सं.  की धारा 294 न्यायालय के बिना अनुमति से शमनीय होने तथा प्रार्थी से स्वतंत्र सहमति से राजीनामा करना व्यक्त किया गया है। प्रार्थी की पहचान प्रकरण में संलग्न उसके पुलिस बयान में चस्पित फोटो से किया गया। उभयपक्ष को राजीनामा करने की अनुमति दी गई। परिणाम स्वरूप अभियुक्त को उक्त राजीनामा के परिपेक्ष्य में भा0दं0सं0 की धारा 451, 294, 323/34 के तहत दण्डनीय अपराध से उन्मोचित किया  गया तथा अभियुक्तगण के जमानत मुचलके प्रभाव शून्य किए गए।

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