जशपुर

कसेवा गारंटी से मिली स्वावलम्बन की राह, तालाब का पट्टा पाकर खुश हैं, आदिवासी महिलाएं

कसेवा गारंटी से मिली स्वावलम्बन की राह, तालाब का पट्टा पाकर खुश हैं, आदिवासी महिलाएं

TNIS

जशपुर : प्रदेश सरकार के लोक हितैषी फैसले और शासकीय सेवाओं का पारदर्शी ढंग से समय-सीमा के भीतर आम जनता को लाभ पहुंचाने की प्रभावी नीति के चलते आज प्रदेश में बदलाव की बहार बहने लगी है। शासकीय काम-काज में तेजी और शासकीय अमले की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव के चलते अब शासकीय सेवाओं का लाभ लोगों को लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत् समय-सीमा में मिलने लगा है। लोकसेवा गारंटी के तहत् जशपुर नगर के समीप ग्राम सोगड़ा की  महिलाएं सोगड़ा जलाशय को मछली पालन के लिए पट्टे पर हासिल कर स्वावलंबन की राह पर चल पड़ी हैं। इन महिलाओं ने इससे पहले आदिवासी कमल मछुआ सहकारी समिति के रूप में अपना पंजीयन भी सहकारिता विभाग से कराया है। 

आदिवासी कमल मछुआ सहकारी समिति सोगड़ा की अध्यक्ष श्रीमती शारदा मिंज ने बताया कि समिति के पंजीयन एवं मछली पालन के लिए गांव के तालाब को पट्टे पर हासिल करने में लोकसेवा गारंटी अधिनियम की वजह न किसी तरह का भटकाव हुआ, न ही विलंब। उन्होंने बताया कि उनकी मछुआ सहकारी समिति में गांव की 25 महिलाएं शामिल हैं। पट्टे पर सोगड़ा जलाशय जिसका जल क्षेत्र लगभग 7 एकड़ है, समिति को 10 साल के लिए मिला है। हमारी समिति ने इस तालाब में मछली पालन किया है। मछली पालन की शुरूआत से पहले मत्स्य विभाग द्वारा समूह की सभी महिलाओं को विधिवत प्रशिक्षण भी दिया गया। सहायक संचालक मछली पालन श्री डी.के.इजारदार ने बताया की समिति को शासन की ओर से 10 नग जाल भी दी गई है। समय-समय पर मत्स्य निरीक्षक सोगड़ा जाकर महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आवश्यक मदद एवं मार्गदर्शन भी देते हैं। श्री इजारदार ने बताया कि समिति के सदस्यों द्वारा पूरे मनोयोग से किए जा रहे मत्स्य पालन को देखते हुए यह उम्मीद है कि महिला समिति को साल भर में डेढ़ से दो लाख रुपए का मुनाफा होगा। 

लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत् मत्स्य पालन के लिए बिना किसी विलंब के सिटोंगा गांव के तालाब को मछली पालन हेतु 10 साल के लिए पट्टे पर मिलने पर प्रेरणा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष समिता खाखा ने भी प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि उनके समूह से 16 महिलाएं जुड़ी हैं। जिसमें से 15 अनुसूचित जनजाति वर्ग के तथा एक महिला अन्य पिछड़ा वर्ग की है। प्रेरणा समूह की महिलाओं को मत्स्य पालन में हर साल डेढ़ से दो लाख रुपए की आमदनी की उम्मीद है। 
 नसीम अहमद खान                            

 

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