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छत्तीसगढ़ में इस वक्त रूका हुआ बाहर का कोई भी व्यक्ति हमारा मेहमान है :भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में इस वक्त रूका हुआ बाहर का कोई भी व्यक्ति हमारा मेहमान है :भूपेश बघेल

TNIS

कोरोना लॉकडाउन: मुख्यमंत्री ने किया आश्रय स्थल का मुआयना, जरूरतमंदो से की बातचीत, देश के विभिन्न हिस्सों के ऐसे जरूरत मंद लोगों, जो करोना वायरस के कारण रायपुर में फंसे हैं, के लिए कोरोना राहत शिविर- आश्रय स्थल बनाया गया, 12 राज्यों और 17 जिलों के 205 लोगों को मिला आश्रय, भोजन, रूकने, चिकित्सा और जरूरी सुविधाएं

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर के लाभंाङी में लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के लिए बनाए गए आश्रय स्थल का मुआयना कर वहां की गई व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वहां रूके लोगों से बातचीत करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में इस वक्त रूका हुआ बाहर का कोई भी व्यक्ति हमारा मेहमान है। किसी को परेशान होने की कोई जरूरत नही है। ऐसे लोगों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति हम करेंगे। ज्ञातव्य है कि देश के विभिन्न हिस्सों के ऐसे जरूरतमंद लोगों जो करोना वायरस के कारण लॉक डाउन की स्थिति में रायपुर में फंसे हैं, के लिए जिला प्रशासन द्वारा लाभांडी में कोरोना राहत शिविर- आश्रय स्थल बनाया गया है । इस शिविर में 12 राज्यों और 17 जिलों के भटक रहे 205 लोगों को आश्रय, भोजन और सुविधा दी गई है। 

 मुख्यमंत्री ने यहां रूके एक - एक व्यक्ति से मुलाकात की और उनसे कहा कि वे राज्य केे मेहमान है और उन्हें यहां किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी, वे निश्चिंता से रहे और अपने घर -परिवार को भी अपनी कुशलता की जानकारी दंे। 

 मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान झारखंड के श्री बलदेव राणा ने बताया कि वे और उनके साथी महाराष्ट्र से लौट रहे थे। उत्तर प्रदेश के देवरिया के श्री रामनाथ शर्मा नौकरी के तलाश में छत्तीसगढ में भटक रहे थे। मध्यप्रदेश के पिपरिया के साधु रामदास त्यागी राजिम मेला के बाद से यहां थे। महाराष्ट्र के श्री गौतम मजदूरी कर रहे थे। गोंदिया के श्रीकांत ट्रासपोर्ट लाईन में होने के कारण यहां फंसे थे और हरियाणा के श्री रामू परिवार की दो महिलाओ और दो बच्चो के साथ यहां पेशी में आये थे। यहां आश्रय लिए लोगों ने बताया कि वे इन्हें भोजन, चिकित्सा, रूकने सहित जरूरी सुविधाएं मिल रही है। 

 मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होनेे झारखंड सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियो से बातचीत की है और आश्वस्त किया कि उनके राज्यो के लोग छत्तीसगढ में अच्छे से रहेगे। उन्होंने छत्तीसगढ के मजदूरों और नागरिको के उनके राज्यांे मे फंसे होने की स्थिति में उनसे हर संभव सहयोग देने का आग्रह भी किया है। यह भी कहा कि ऐसे ही आश्रय शिविर राज्य के सभी जिलो में बनाएं गए है। 

 मुख्यमंत्री के मुलाकात और अवलोकन के दौरान जिले के वरिष्ठ अधिकारी ,स्वयंसेवी संगठन के लोग और स्थानीय पार्षद भी उपस्थित थे, मुख्यमंत्री ने उन्हें इस नेक एवं मानवता के काम में दिन-रात लगकर सेवा करने के लिए साधुवाद दिया और किए जा रहे कार्यो की प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस से नागरिकों को सुरक्षित रखने की अपनी मुहिम के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने इन जरुरतमंदॉ, श्रमिको, बेसहारा लोगों को लाभांडी स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वसुविधायुक्त बहु मंजिला भवनों में अलग-अलग फ्लैटों में आश्रय दिया है। 

 यह पूरी कार्यवाही पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ शेख, नगर निगम कमिश्नर श्री सौरभ कुमार, जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह की संयुक्त टीम ने मिलकर की है। इस दौरान रायपुर स्मार्ट सिटी,महिला बाल विकास, वन, स्वास्थ्य,खाद्य सहित अन्य विभाग भी शामिल भी शामिल थे। 

  जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों की इस टीम ने तीन बसों को लेकर ऐसे लोगों की तलाश में परसो देर शाम रेलवे स्टेशन क्षेत्र पहुंची, जहां से रायपुर स्मार्ट सिटी कार्यालय में स्थापित फूड कंट्रोल सेल से सर्वाधिक भोजन लेने की जानकारी मिली थी। 

 महिला अधिकारियों के दल ने यहांे महिलाओं, उनके साथ के दुधमुहे बच्चों, वृद्ध, दिव्यांग समेत ऐसे 75 लोगों को बसों में लेकर लाभांडी स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नवनिर्मित भवन में शिफ्ट किया। नगर निगम के इस भवन में जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पहले से की जा चुकी थीं और इस परिसर में शहर की कई सामाजिक संस्थाओं से मिले सहयोग से दरी, कंबल, चादर, बाल्टी, मंग, साबुन, पेस्ट, ब्रश समेत जरूरी सामान की व्यवस्था पहले से ही की गई थी।

 यहां ठहराए गए छोटे बच्चों को असुविधा ना हो इसके लिए रायपुर जिला प्रशासन ने दूध की पर्याप्त व्यवस्था भी तत्काल की । इन आश्रय प्राप्त करने वालेो जरूरतमंदो को जरूरी सुविधाओं की देखरेख का जिम्मा जिला प्रशासन ने सामर्थ चेरिटबल और वी द पीपल स्वयंसेवी संगठन को दिया गया है, जो 24 घंटे उनके साथ रहकर उनकी सुविधाओं का ध्यान रख रही है। यहां आश्रय मे सोशल ङिसटेशिग कायम रखते हुए उन्हे हर संभव मदद की जा रही है।

 रूके नागरिकों मे सबसे अधिक नागरिक मध्यप्रदेश के 27 और झारखंड के 19 है। जिले मे सबसे अधिक बलौदाबाजार के 18 और दुर्ग के 13 है। छत्तीसगढ़ के 121 और रायपुर जिले के 40 है।

 

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