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सदन में उठा शराबबंदी, व स्कूली बच्चो को अंडा दिए जाने का मामला, हंगामा

सदन में उठा शराबबंदी, व स्कूली बच्चो को अंडा दिए जाने का मामला, हंगामा

रायपुर : मानसून सत्र में आज विधानसभा में विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार पर हावी होती दिखी विपक्ष ने दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी की हत्या मामले में स्थगन प्रस्ताव पेश किया. गृहमंत्री के वक्तव्य के बाद प्रस्ताव की ग्राह्यता पर आसंदी ने चर्चा की अनुमति दी. बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये सरकार इतनी संवेदनशील हो गई है कि हमारे बीच विधायक रहे भीमा मंडावी की पत्नी को रायपुर में आबंटित मकान में रहने से मना किया जाता है. सरकार बताये कि उनके परिजनों को कितनी सुरक्षा दी गई है. उन्होंने आगे कहते हुए कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ता है कि विधायक मारा जाता है और समाचार में ये पढ़ने को मिलता है कि विधायक अपनी गलती से मारा गया. कम से कम दो चार दिन रुक जाते. वही जेसीसी विधायक धर्मजीत सिंह ने शराब के मुद्दे पर सरकार से सवाल किया उन्होंने प्रदेश में शराब दुकानों से प्राप्त राजस्व का मामला उठाया सिंह ने कहा कि यदि शराब बंदी नहीं करनी है तो खुलेआम बिकवाओ.

इसके पहले बसपा विधायक इंदु बंजारे ने मामला उठाते हुए कहा कि शराब बन्द करने की दिशा में सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया. अब प्लास्टिक की बॉटल में सरकार शराब बेच रही है. मंत्री अकबर ने कहा कि शराबबंदी को लेकर समिति गठित की गई है, जब समिति की रिपोर्ट आएगी तब शराबबंदी की जाएगी. प्रश्नकाल के दौरान आबकारी मंत्री कवासी लखमा मौजूद नहीं थे जिसपर सदन में तीखी बहस हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि जानबूझकर विभागों के जवाब देने के दौरान मंत्री कवासी लखमा सदन में मौजूद नहीं होते हैं। पश्नकाल में कवासी लखमा के उद्योग विभाग से संबंधित सवाल का जवाब देने के लिए मोहम्मद अकबर उठे, शिवरतन शर्मा ने व्यवस्था का प्रश्न उठा दिया। शिवरतन शर्मा ने कहा कि कवासी लखमा के विभागों का जवाब देने के लिए हर बार मोहम्मद अकबर ही खड़े होते हैं, ये गलत परंपरा है। विधायक धर्मजीत सिंह ने सदन में अंडा वितरण का मामला शून्यकाल में उठाया उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को अंडा दिया जाना जरूरी नहीं है. वर्ग संघर्ष की स्थिति मत बनने दीजिये. जिद्द से राजनीति नहीं होती. कबीर और गुरु घासीदास की धरती को बचाना चाहिए. सरकार आज अंडा खाने कह रही है कल को बीफ खाने का निर्देश जारी कर देगी. मोहन मरकाम ने कहा कि सरकार ने अंडे का विकल्प रखा है. जिन्हें अंडा नहीं खाना है वह लिए दूध की व्यवस्था की गई है. जिसके बाद सदन में हंगामा मच गया. धर्मजीत सिंह ने कहा कि चुनाव में जाते हो तो कबीरपंथी समाज के सामने घुटने टेकते हो और अब जब अंडा देने का समाज विरोध कर रहा है, तो आंखें दिखाई जा रही है.

 

 

 

 

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