ज्योतिष और हेल्थ

जागरूकता और उचित खानपान से बचा जा सकता है कैंसर से - डॉ एमपी सिंह

जागरूकता और उचित खानपान से बचा जा सकता है कैंसर से - डॉ एमपी सिंह

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7 जनवरी 2023 अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट ने एकलव्य इंस्टिट्यूट में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी पर एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया जिसमें  देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित रहे 

डॉ एमपी सिंह ने कहा कि कैंसर एक ऐसा नाम है जिसकी लेते ही हम आधे रह जाते हैं और यह मान लेते हैं कि अब इससे बचना संभव नहीं है  इसी डर में कैंसर पीड़ित खाना छोड़ देते है और बहकी बहकी बातें करने लगते है अन्य समाज के लोग भी डरा देते हैं कि यह लाइलाज बीमारी है और इसका इलाज बहुत महंगा है

 डॉ एमपी सिंह ने बताया कि कैंसर विभिन्न बीमारियों का सामूहिक नाम है इससे मुक्ति मिल सकती है यदि शारीरिक जांच प्रतिवर्ष कराते रहें लेकिन हमारे पास अपने लिए वक्त ही नहीं है हम घर बहू बेटे सास ससुर बेटी दामाद और समाज की जिम्मेदारियों को ही निभाने में लगे रहते हैं और घर तथा ऑफिस के कामों को निपटाने में दिन- रात लगे रहते हैं सुख और चैन की नींद भी नहीं ले पाते हैं स्वास्थ्यवर्धक भोजन भी नहीं कर पाते हैं अपनी मर्जी के अनुसार घूमने फिरने भी नहीं जा पाते हैं और तनावपूर्ण जिंदगी जीते रहते हैं जिससे बीपी और शुगर वह अन्य बीमारियां हो जाती है पेट में कब्ज रहने लगती है मोशन ठीक नहीं आता है नींद नहीं आती है भूख नहीं लगती है कुछ भी खाने को दिल नहीं करता है पूरी रात चिंता में पड़े रहते हैं और दूसरों की ही सोचते रहते हैं ना योग करते हैं और ना ही मेडिटेशन डॉ एमपी सिंह का कहना है की दिनचर्या खराब और गलत खानपान से मोटापा आ जाता है जो कि अनेकों बीमारियों को दर्शाता है इसलिए मोटापे को नहीं आने देना चाहिए और गलत खानपान से बचना चाहिए रहन-सहन के तरीकों को सही करना चाहिए अच्छे व उत्तम विचारों वाले स्वस्थ व सफल व्यक्तियों की  संगति करनी चाहिए प्रतिदिन स्नान करना चाहिए और साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिए परमपिता परमात्मा को मानना चाहिए और उसका धन्यवाद करना चाहिए प्रकृति के नजदीक रहना चाहिए फास्ट फूड तला बाशा ज्यादा मिर्च मसाले वाला भोजन नहीं खाना चाहिए प्रतिदिन कम से कम 2:30 से 3 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए क्योंकि पानी की कमी की वजह से भी अनेकों परेशानियां पैदा हो जाती है और हर हाल में खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए तथा अपने आप को सही कार्यों में व्यस्त रखना चाहिए अच्छी किताब को पढ़ना चाहिए और अच्छा साहित्य लिखना चाहिए नकारात्मक लोगों के साथ नहीं बैठना चाहिए और नकारात्मक सोच पर भी फैसले नहीं लेनी चाहिए तथा नकारात्मक बात भी नहीं करनी चाहिए सब कुछ परमपिता परमात्मा पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि उसकी लीला अपरंपार है वह जो चाहता है वही होता है हमारे किसी के हाथ में कुछ भी नहीं है हमें नेक और पुनीत कार्य करते रहना चाहिए जितना हम से हो सके उतना जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए इससे जीवन सफल हो जाता है 

डॉ एमपी सिंह का कहना है कि बीमार रहते भी  हम खुश तथा प्रसन्न रह सकते हैं क्योंकि मन के हारे हार है मन के जीते जीत हमें अपनी विल पावर को कमजोर नहीं पडने  देना है हिम्मत और साहस से काम लेना है जितना पेट में जा रहा है उतने से भी काम चल सकता है यदि भोजन पच नहीं रहा है साथ के साथ उल्टी हो रही है तब भी घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि मारने और बचाने वाला तो कोई और है डॉ के हाथ में भी कुछ नहीं है यदि उसके ही हाथ में होता तो इस पृथ्वी पर कोई मरता ही नहीं इसलिए जितने पल हैं उतने पल आनंद के साथ उस परमपिता परमात्मा का सुमिरन करते हुए जी लो जो होना है वह निश्चित है वह होकर ही रहेगा उसके बारे में ज्यादा चिंता करना उचित नहीं है

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