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फिल्म राकेट्री से प्रभावित सुरजपुर तहसीलदार व कार्यपालिक मजिस्ट्रेट संजय राठौर ने अभिनेता आर माधवन को सम्मान स्वरूप एक एक माह का वेतन भेंट करने की इच्छा जताई ...

फिल्म राकेट्री से प्रभावित सुरजपुर तहसीलदार व कार्यपालिक मजिस्ट्रेट संजय राठौर ने अभिनेता आर माधवन को सम्मान स्वरूप एक एक माह का वेतन भेंट करने की इच्छा जताई ...

हासिम खान 

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सुरजपुर : देश मे विकास नामक देशी रॉकेट इंजिन का निर्माण करने वाले पदम् भूषण अवार्ड से सम्मानित प्रख्यात वैज्ञानिक नांबी नारायणन को साजिश के तहत देश द्रोह के झूठे मामले में जेल भेजने और सुप्रीम कोर्ट से उन्हें बाइज्जत बरी किये जाने के बाद उनके जीवन पर विज्ञान आधारित फिल्म राकेट्री से प्रभावित सुरजपुर तहसीलदार व कार्यपालिक मजिस्ट्रेट संजय राठौर ने महान वैज्ञानिक नांबी नारायणन व फ़िल्म के निर्माता, राईटर व उनका किरदार निभाने वाले अभिनेता आर माधवन को सम्मान स्वरूप एक एक माह का वेतन भेंट करने की इच्छा जताई है। वे स्वयं उनसे मुलाकात कर उन्हें देश के योगदान के लिए सम्मान राशि भेंट करना चाहते हैं।

इस संबन्ध में सुरजपुर के युवा तहसीलदार व कार्यपालिका मजिस्ट्रेट संजय राठौर ने नईदुनिया से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि डॉ नांबी नारायणन देश के ख्यातिलब्ध वैज्ञानिक है। जिन्होंने विषम परिस्थितियों में साल 1985 में देश मे विकास नामक देशी राकेट इंजिन का निर्माण कर भारत का विश्व स्तर में मान बढ़ाया था। इन्होंने साल 1966 में इसरो में टेक्निकल सहायक के रूप में नौकरी प्रारंभ की। उसके बाद नासा से फेलोशिप मिलने पर उन्होंने साल 1969 में कैमिकल राकेट परप्लसन ( प्रमोदक ) पर कार्य किया और उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप लिक्विड परप्लसन में महारथ हासिल की थी। साल 1974 में देश के 52 सहयोगी वैज्ञानिकों की टीम के साथ इसरो की तरफ से इन्होंने फ्रांस में रॉकेट के विकिंग इंजिन निर्माण पर कार्य कर प्रशिक्षित होने पर भारत का पहला रॉकेट विकास इंजिन विकसित किया था। जो आज भी रॉकेट में पीएसएलवी में प्रयोग हो रहा है।

उसके बाद नांबी नारायणन ने अधिक खर्च वाले रॉकेट सॉलिड परप्लसन को कम खर्च व शक्तिशाली रॉकेट लिक्विड परप्लसन इंजिन का निर्माण कर मुख्य धारा से जोड़ दिया था। इसकी वजह से ही भारत चंद्रयान व मंगल यान अंतरिक्ष तक पहुंचने में सफलता हासिल कर शक्तिशाली भारत के रूप में उभर सका।

देश द्रोह के मामले में हुए बरी...

 भारत मे रॉकेट विकास इंजिन निर्माण से अंर्तराष्ट्रीय बाजार में भारत की साख बढ़ने की संभावना से विदेशी ताकतों ने षड्यंत्र रचकर साल 1994 में डॉ नांबी नारायणन जैसे देश भक्त जुनूनी वैज्ञानिक को देश द्रोह के मामले फंसाकर जेल भिजवा दिया था। इन पर आरोप लगाया गया कि इन्होंने देश के राकेट इंजिन डिजाइन को शत्रु देश को बेच दिया है। लेकिन 14 सितंबर 2018 को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें बाइज्जत बरी करते हुए केरल सरकार को इन्हें 1.3 करोड़ रुपये का मुवाअजा देने का निर्देश दिया था। उसके बाद 2019 में भारत सरकार ने इन्हें पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित किया था।

राकेट्री फिल्म से प्रभावित हो जताई ईच्छा...

देशभक्त वैज्ञानिक डॉक्टर नांबी नारायणन के जीवन पर विज्ञान आधारित फिल्म राकेट्री देखने के बाद देश के लिए अभूतपूर्व योगदान देने के बाद भी प्रताड़ना झेलने वाले देशभक्त वैज्ञानिक डॉक्टर नांबी नारायणन को सम्मान स्वरूप अपने एक माह का वेतन देने की इच्छा सूरजपुर तहसीलदार व कार्यपालिक मजिस्ट्रेट संजय राठौर ने जताई है।

उन्होंने बताया कि हिंदी समेत 6 भाषाओं में प्रसारित फिल्म राकेट्री के लेखक निर्माता एवं अभिनेता की भूमिका में शानदार किरदार निभाने वाले एम माधवन भी बधाई के पात्र हैं। जिन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ कोरोना काल में बगैर किसी आर्थिक लाभ के उच्च कोटि की फिल्म का निर्माण किया। उनके इस महान योगदान के लिए वे उन्हें भी अपने एक माह का वेतन सम्मान स्वरूप देना चाहते हैं। उन्होनें कहा कि वे स्वयं उनसे मिलकर सम्मान स्वरूप उन्हें राशि प्रदान करने की इच्छा रखते हैं।

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