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रैनबैक्सी कंपनी के पूर्व प्रमोटर्स को दिल्ली HC से झटका, 3500 करोड़ रुपए वसूलने की इजाजत दी

एजेंसियों से 

नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने रैनबैक्सी कंपनी के पूर्व प्रमोटर मालविंदर सिंह व शिविंदर सिंह को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों ही पूर्व प्रमोटर्स से 3500 करोड़ रुपए वसूलने की इजाजत दे दी है। दरअसल जापानी दवा कंपनी दाइची सैंक्यो ने रैनबेक्सी के पूर्व प्रमोटर्स पर आरोप लगाया था कि दोनों ही भाइयों ने मिलावटी दवाएं बनाने व बेचने की बात उनसे छिपाई थी। इसके बाद दाईची ने अमेरिका के न्याय विभाग में अपील की थी जहां 50 करोड़ डॉलर में सेटलमेंट किया गया था। 

सिंगुपार आर्बिट्रेशन ट्राइब्युनल ने सिंह बंधुओं को 2562 करोड़ रुपए चुकाने का आदेश दिया था, यह कुल राशि ब्याज मिलाकर 3500 करोड़ रुपए पहुंच गई। कोर्ट ने इस राशि को वसूले जाने का आदेश दे दिया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि सिंह बंधू इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। आपको बता दें कि दाईची ने सिंह बंधु के खिलाफ 2013 में सिंगापुर ट्राइब्युनल में मामला दर्ज किया था। इससे पहले मिलावटी दवाएं बनाने व अमेरिका में दवाओं के डिस्ट्रीब्यूशन के झूठे आंकड़े दिए। 

जापानी कंपनी ने रैनबैक्सी पर आरोप लगाया था कि सिंह बंधुओं ने 2008 में उन्हे रैनबैक्सी को बेचा था, उस वक्त इसकी कीमत 4.6 अरब डॉलर थी। लेकिन कंपनी ने कई गड़बड़ियों को छिपाया था। जिसके बाद सिंगापुर आर्बिट्रेशन ट्राइब्युनल ने सिंह हबंधु के खिलाफ फैसला देते हुए 2562 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा था, जोकि ब्याज मिलाकर अब 3500 करोड़ रुपए हो गई है। दाईची ने 2016 में दिल्ली हाई कोर्ट में इस राशि की वसूली के लिए याचिका दायर की थी। 

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