विशेष रिपोर्ट

भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री आदरणीय नारसिंम्हा राव जी की पुण्यतिथि पर विशेष...

 भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री आदरणीय नारसिंम्हा राव जी की  पुण्यतिथि पर  विशेष...

 सुशोभित सिंह

लोकतंत्र political economy सरकार कर्ताव्य 

विश्व मे सभी  लोक्तांत्रिक सरकारो का एक ही कर्ताव्य होता है .अपने देश के नागरिको  का जीवन स्तर ऊँचा करना .ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करना  और  उत्पादन का समानुपातिक वितरण करना.इसी सिद्धांत को political economy कहते हैं.

इसी सिद्धांत को सबसे बलपूर्वाक और ऊर्जा से  लागु  करने  वाले , स्वतांत्र भारत के इतिहास मे  सबसे  न्यूंनतम मुल्यांकन वाले,  अपने जीवन  काल में अलोकप्रिय, प्रधान मंत्री पी वी नरसिंम्हा राओ थे .
भारत में लोक्तांत्रिक तरीके से समाजवाद लाने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रधान मंत्री थे  पी वी नरसिंम्हा राओ.लोक्तांत्रिक समाजवाद social Democrat का अर्थ है निजी उद्यम और  निजी निवेश को प्रोत्साहन देना और  उनसे प्राप्त कर  राजस्व से सामाजिक न्याय और  गरीबी उन्मुलन वाली  योजनाओं  को लागु  करना.

social democrat लोक्तांत्रिक समाजवाद  के प्रति उनका निश्चय इतना अटल था कि इसकी शुरूआत उनहोने अपने घर से की .1973 मे जब  पी वी नरसिंम्हा राओ आन्ध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री थे  तब  उनहोने भूमि  सुधार कानून  Andhra Pradesh Land Reforms (Ceiling On Agricultural Holdings) Act, 1973 पारित  काराया . पी वी नरसिंम्हा राओ का जन्म एक अति सम्पन्न जमींदार परीवार  मे हुआ था .इसके बाद भी ऊनको एक करीबी रीश्तेदार ने गोद लिया था .उनके गोद माता पिता से उनहे उत्तराधिकार मे लगभग 1200 एकड भूमि  ग्राम वांगारा मे प्राप्त हुई .इसी भूमि  मे से उनहोने 1000 एकड,  अपने ही मुख्य मंत्री काल में पारित,  Andhra Pradesh Land Reforms (Ceiling On Agricultural Holdings) Act, 1973  कानून,  के तहत स्थानिय  जिला प्रशासन को समर्पित कर दिया .उनके द्वारा समर्पित 1000 एकड  मे से उनके ग्राम वांगारा  के 500 परीवारो को प्रति परीवार  2 एकड भूमि 1973 मे   प्राप्त हुई ,वो भी तब  जबकी   पी वी नरसिंम्हा राओ जी के 8 बच्चे थे .उनहोने अपने किसी भी  बच्चे की राजनितक महत्त्वकांक्षा की पूर्ती नही  की .सभी  बच्चो  ने शिक्षा प्राप्ती के बाद  स्वतांत्र व्यवसाय चुना .इसी प्रकार june 1991 मे जब  वे प्रधान मंत्री बने  तब देश की अर्थव्यवस्था बहुत  ही विकट स्तिथी मे थी .अमेरिका ईराक खाडी युध  के बाद  तेल की कीमतो मे जबर्दास्त वृद्धी  हुई ,देश के पास  केवल दो हफते का आयात  बिल चुकाने  की विदेशी  मुद्रा थी ,देश  अपने विश्व बैंक से लिए  गए कर्ज की किस्त भूगतान  मे डीफाल्ट करने  वाला  ही था ,और  कर्ज लेने के लिए देश  का 21 टन सोना इंगलैन्ड के पास  गीरवी रखना पड़ा  था ,ऐसी  विकट स्तिथी से उनहोने देश को ऊबार  लिया .भारत  को डीफाल्टर नही  होने दिया .तीन  विदेशी सहित  कुल 10 भाषाओ के जानकार एवम तीन कांप्यूटर कोडींग language UNIX,COBOL, BASIC के जानकार पी वी नरसिंम्हा राओ का लोक्तांत्रिक समाजवाद social democrat के प्रति विश्वास ही था  जिसके लिए उनहोने 73rd,74th, संविधान संशोधन करवाया ज़िससे पूरे देश मे त्री स्तरिय पंचायाती राज व्यवस्था आयी  ज़िससे अपने गांव का सबसे  गरीब  व्यक्ति भी  लोक्तांत्रिक तरिके से ग्राम  विकास कर  सकता है। USSR के पतन के बाद  रूसी हथियार पर  निर्भरता कम  करने के लिए 1992 मे पहली  बार  इसराइल का दुतावास खुलवाया .1994 मे संसद मे सर्वसम्मती से प्रस्ताव पारित कराया की भारत  पाक  अधिकृत कश्मीर को फिर वापस प्राप्त करेगा .  सन्युक्त राष्ट्र मे पाकिस्तान को परास्त करने के लिए Geneva मे भारत  के ओर से विपक्षी नेता और  राजनितक विरोधी  अटल बिहारी बाजपायी को भेजा .आंतरिक सुरक्षा के लिए परमाणु बम कार्यक्रम, यूरानीयम, प्लूटोनीयम संवर्धन  कार्य जारी  रखा .1996 मे कार्यकाल समाप्ती  के बाद  ज़ाते ज़ाते उनहोने अगले प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपायी से कहा "सामाग्री तैयार है".इसी सामाग्री का विस्फोट 11,13 माई 1998 को किया गया .विडम्बना है कि भारत  ने उनके योगदान को भूला  दिया

 

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