विशेष रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ पुलिस में सेवा के 15 वर्ष पूरे होने पर श्री जोशी ने अपने आदर्शो का आभार प्रकट करते हुए उनके योगदान को याद किया

छत्तीसगढ़ पुलिस में सेवा के 15 वर्ष पूरे होने पर श्री जोशी ने अपने आदर्शो का आभार प्रकट करते हुए उनके योगदान को याद किया

एच. पी. जोशी  

श्री जोशी एक पुलिस अधिकारी होने के साथ साथ, समाज सेवक और विचारक भी हैं; श्री जोशी वर्ष 23 सितंबर 2005 को 5वी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जगदलपुर में आरक्षक के पद पर नियुक्त होकर वर्तमान में जिला पुलिस बल, जिला नारायणपुर में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। इन 15सालों में वे जांगला, बोदली, पिनकोंडा (बीजापुर), कोरर (कांकेर) सीआईएटी स्कूल जगदलपुर, पुलिस मुख्यालय, आईजी ऑफिस रायपुर, आईजी ऑफिस दुर्ग, सेनानी कार्यालय व्हीआईपी सुरक्षा वाहिनी, ईओडब्ल्यू रायपुर तथा राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी में तैनात रहे हैं। श्री जोशी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुलिस अधिकारियों का जीवन अत्यंत चुनौतियों से भरा हुआ होता है इसलिए ऐसा भी सम्भव है कि आपके नजर में पुलिस अधिकारियों की खूबी कम ही दिखाई दे मगर सत्य तो यही है कि जब पुलिस अधिकारी आंधी, तूफान, धूप और बारिश में सतर्कता पूर्वक ड्यूटी पर रहते हैं तभी आप (आम नागरिक) सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि आरक्षक के मतलब को समझें; अपने जीवन में रक्षक के योगदान को समझें तभी आप पुलिस अधिकारी का सही सम्मान कर पाएंगे अन्यथा आप सुनी सुनाई अफवाह के झांसे मे आकर अपने रक्षक को ही कटघरे में खड़ा कर जाएंगे।

उन्होंने बताया कि उन्हें अपने सेवा के दौरान कुछ ऐसे भी पुलिस अधिकारी के सानिध्य में अथवा साथ मे सेवा का अवसर भी मिला जो किसी भी तरह से किसी ईश्वर, आराध्य देवताओं अथवा भगवान से कम हैं। श्री जोशी ने बताया कि इन 15साल में अनेकोनेक तरह के लोगों से, अनेक प्रकार के वैचारिक मतभेद वाले लोगों से उनका सीधे संपर्क रहा; मगर एक खास बात थी कि सबके हृदय में, सबके आचरण में, सबके शरीर में ईश्वर का वास है, सभी मनुष्य ईश्वर के ही समान रूप से संतान ही हैं; सभी जीव आपस में भाई बहन के समान हैं। सबके हिस्से में मानव अधिकार भी हैं, इसलिए पुलिस अधिकारी के पक्ष में भी मानव अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन और लोगों को आगे आने की जरूरत है, यदि आप किसी वर्ग विशेष को छोड़कर मानव अधिकारों के लिए चाहे जितना अधिक काम कर लें, आपके मानव अधिकार कार्यकर्ता होने का कोई औचित्य नहीं है।

श्री जोशी पुलिस विभाग में कार्यरत कुछ चुनिंदा अधिकारियों की जिनके वे सीधे संपर्क में रहे उनकी प्रसंशा करते हुए अपने प्रेरणास्रोत, मार्गदर्शकों सहित शुभचिन्तकों का आभार व्यक्त किया है।
श्री जोशी जी अपने प्रेरणास्रोत के रूप में अमनि श्री जीपी सिंह, सेनानी एम तुङ्गोई, सेनानी श्री मनोज खिलारी, सहायक सेनानी श्री रविप्रताप सिंह, सहायक सेनानी श्री धर्मनाथ सिंह, सहायक सेनानी श्री विनय भास्कर, सहायक सेनानी श्री जावेद अहमद अंसारी, भूतपूर्व कंपनी कमांडर श्री सत्यनारायण शुक्ला, भूतपूर्व कंपनी कमांडर श्री सरजू सिंह सिकरवार, एपीसी श्री शैवाल चटर्जी, एपीसी श्री जयंत पॉल को मानते हैं।

श्री जोशी जी ने अपने मार्गदर्शक सहायक सेनानी श्री कुंजराम चौहान, सहायक सेनानी श्री लोकेश्वर शांडिल्य, सहायक सेनानी श्री गोविन्द राम मिंज, सहायक सेनानी श्री विजय तिर्की, कंपनी कमांडर श्री सुरित राम बघेल, निरीक्षक श्री पवन नामदेव, रक्षित निरीक्षक श्री दीपक साव, सउनि श्री नीलकमल दिवाकर, एपीसी श्री महेंद्र शर्मा, एपीसी श्री रामा साहू, प्रधान आरक्षक श्री गोविन्द बिहारी शर्मा का आभार प्रकट करते हुए भूतपूर्व डीआईजी श्री एनकेएस ठाकुर, भूतपूर्व सेनानी जगमोहन वट्टी, सेनानी श्री नरेंद्र खरे, भूतपूर्व एसी श्री पासवान सर, एसी श्री त्रिभुवन मोहन वासनिक, पीसी श्री नरसिंह यादव, श्री सीसी श्री जितेंद्र कोरी, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री धनंजय हिरवानी, श्री राकेश साव, श्री अनिल जोशी, श्री दिवाकर मिश्रा, श्री अनिल तिवारी, श्री श्यामचरण मुंडा, श्री अवधेश तिवारी, श्री गजेंद्र सिंह कुशवाहा, श्री नरेन्द्र कुशवाहा, श्री रोशन दुबे, श्री कमल द्विवेदी, श्री सत्यप्रकाश भारद्वाज, श्री मनोज शर्मा, श्री महेंद्र हंश, श्री अनिल यादव, श्री सुनील सहगल, श्री रामस्वरूप सोनवानी, श्री परमेश्वर निषाद, श्री सत्यम जोगी सहित सभी वरिष्ठ एवम सहयोगी पुलिस अधिकारीगण के योगदान को सराहा है।

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