विशेष रिपोर्ट

भारत में बेरोजगारी दर 45 साल में सबसे ज्यादा

भारत में बेरोजगारी दर 45 साल में सबसे ज्यादा

नई दिल्ली: भारत में बेरोजगारी दर 45 साल में सर्वाधिक हो चुकी है। ये बताती है कि कई सेक्टर में हायरिंग एक्टिविटी धीमी हो गई हैं। केयर रेटिंग की स्टडी के मुताबिक बैंक, बीमा, ऑटो और लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में हायरिंग की गति धीमी हो चुकी है। सर्विस सेक्ट जो अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा मजबूती देता है., अकेला क्षेत्र है जहां नौकरियों में बढ़ोतरी दिखाई दी। 

हायरिंग की धीमी गति की वजह से उपभोग की मांग में कमी आई है। जिसने अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। इस वजह से उपभोग की मांग पिछले तिमाही में पिछले पांच सालों में सबसे कम हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बेरोजगारी बढ़ने के कारण सामाजिक तनाव बढ़ रहे है। इसने भारत में आकर्षक निवेश की छवि को धूमिल किया है। मार्च 2017 से मार्च 2018 में कुल रोजगार बढ़कर 5.44 मिलियन से बढ़कर 2018 में 5.78 मिलियन हो गया, जो कि केयर की स्टडी के मुताबिक 6.2 फीसदी की बढोतरी है। 

मार्च में वित्तीय वर्ष समाप्ति के समय यह बढोतरी 4.3 फीसदी कम थी, जिसमें नियोजित कर्मियों की कुल संख्या 6.03 मिलियन थी। केयर ने कहा कि हॉस्पिटेलिटी जैसे सेक्टर में आउटसोर्सिंग में वृद्धि देखी गई। जबकि लोहा, इस्पात और खनन कंपनियों में इसमें गिरावट देखी गई। ये कम विकास और बैंकक्रप्टी जैसे मुद्दों की वजह से थी। भारत के बैकिंग क्षेत्र में गिरावट का अनुपात सबसे चिंताजनक है। 

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