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कांग्रेस ने राफेल डील को बताया विश्व का सबसे बड़ा घोटाला, JPC जांच की मांग की

एजेंसियों से 

नई दिल्ली: राफेल डील के मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ हमलावर विपक्षी दलों ने आज संसद परिसर में कालीपट्टी बांधकर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, वामदल के नेता डी राजा, आम आदमी पार्टी नेता सुशील गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. उनके हाथों में 'मोदी करप्शन एक्सपोज', 'अंबानी-अडानी हर ओर है, मोदी-शाह चोर है', 'वी डिमांड जेपीसी' लिखी तख्तियां थी.

कांग्रेस ने आज राज्यसभा में भी राफेल डील में घोटाले का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने जेपीसी की मांग उठायी. कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि इस घोटाले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं. 

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राफेल घोटाला विश्व का सबसे बड़ा घोटाला है. सरकार जेपीसी से जांच कराए. हालांकि राज्यसभा के नवनिर्वाचित उपसभापति हरिवंश ने कहा कि इसपर आज चर्चा नहीं हो सकती है

वहीं केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस बगैर किसी आधार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर झूठा आरोप लगा रही है. संसद बिल बनाने के लिए है न की झूठे आरोप लगाने के लिए. विपक्ष के पास कोई सबूत नहीं है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि मोदी सरकार ने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर डील में गड़बड़ी की है. कांग्रेस का दावा है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल में प्रति विमान 526 करोड़ रुपये का फ्रांस से करार किया गया था.

मोदी सरकार में विमान की कीमत तीन गुना बढ़कर 1600 करोड़ रुपये प्रति विमान हो गई है. पार्टी ने दावा किया कि राफेल 45,000 करोड़ रुपये का देश का सबसे बड़ा घोटाला है. कांग्रेस पूरे मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग कर रही है.

पिछले दिनों बीजेपी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने प्रेस कांफ्रेंस कर राफेल डील में घोटाले का आरोप लगाया था. हालांकि सरकार आरोपों को खारिज करती रही है.

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