जशपुर
पहाड़ी कोरवा समुदाय सहित राज्य की सभी विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध : डॉ. रमन सिंह

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि पहाड़ी कोरवा समुदाय सहित राज्य की सभी विशेष पिछड़ी जनजातियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। डॉ. सिंह शनिवार को जशपुर में पहाड़ी कोरवा बहुल क्षेत्र के पण्डरापाठ में अपनी सरकार के बारह वर्ष पूर्ण होने और तेरहवें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल आदिवासी सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। 
उन्होंने कहा कि सबके साथ सबके विकास की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लिए काम कर रही है। विकास की राह में राज्य सरकार हर कदम पर समाज की अंतिम पंक्ति के लोगों के साथ है। मेहनतकश किसानों को सूखे के प्राकृतिक संकट में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने आज इस मौके पर पण्डरापाठ के दस किसानों को आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि प्रदान कर प्रदेश भर में प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरित करने की शुरूआत कर दी। डॉ. सिंह ने इस मौके पर पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों के साथ बैठकर भोजन भी किया। उन्होंने विशाल स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया और पहाड़ी कोरवाओं को कम्बल भी वितरित किए। डॉ. सिंह ने लगभग 68 करोड़ रूपए के 16 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा, अबुझमाडिय़ा, पण्डो और भूंजिया जनजाति को उनकी सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के कारण विशेष पिछड़ी जनजाति के रूप में चिन्हांकित किया गया है, जिन्हें विकास की मुख्य धारा में लाकर तरक्की और खुशहाली की ओर ले जाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में जशपुर जिले का भी महत्वपूर्ण योगदान है। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पण्डरापाट में बालक-बालिकाओं के लिए एक-एक सौ सीटों के दो नए छात्रावास खोलने, वहां स्थानीय पहाड़ी कोरवा एवं अन्य आदिवासी युवाओं के कौशल उन्नयन केन्द्र शुरू करने, सन्ना-जशपुर 53 किलोमीटर मार्ग के पूर्ण डामरीकरण की मंजूरी देने, खुडिय़ा रानी धार्मिक पर्यटन स्थल और ईब नदी के उदगम स्थल को पर्यटन सुविधाओं की दृष्टि से विकसित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पण्डरापाठ इलाके में सघन पौधरोपण कर इसे और भी अधिक हरा-भरा बनाया जाएगा। डॉ. सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष आज पूर्ण कर लिए हैं और सात दिसम्बर 2003 से अब तक विगत बारह वर्षों से वह मुख्यमंत्री के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं। प्रदेश की जनता ने उन्हें यह सौभाग्य दिया है। इसमें जशपुर जिले की जनता का भी भरपुर योगदान है। जनता के सहयोग से ही सरकार राज्य की तरक्की और लोगों की खुशहाली के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जशपुर जिले के विकास के लिए लगभग 68 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय इस्पात एवं श्रम राज्य मंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश के गृह मंत्री और जशपुर जिले के प्रभारी रामसेवक पैकरा, स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति विकास मंत्री केदार कश्यप, वन मंत्री महेश गागड़ा, संसदीय सचिव शिवशंकर पैकरा, राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव, विधायक रोहित साय और अध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर श्रीमती गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्य सचिव विवेक ढांड और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद थे।
मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ.रमन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार के बारह वर्ष पूर्ण होने और तेरहवें वर्ष में प्रवेश करने पर आप सबका आशीर्वाद लेने आया हूं। आपकों विश्वास दिलाता हूं कि आगामी तीन सालों में और तेज गति से विकास के काम होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्वास्थ्य शिविर में आए सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ हैं। इनमें से जिन लोगों के भी गंभीर बीमारी की पहचान होगी, उनका इलाज राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क किया जाएगा। इलाज के लिए उन्हें चाहे रायपुर ले जाना पड़े अथवा दिल्ली, पूरा खर्च राज्य सरकार देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के हर परिवार को स्मार्ट कार्ड सुविधा मुहैया कराया गया है। जिन लोगों के अब तक नहीं बने हैं, उनका दो-तीन माह में कार्ड तैयार करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी 30 हजार रुपए तक के इलाज का खर्च इस कार्ड के जरिए हो सकता है। ऑख की बीमारी वालों को नि:शुल्क चश्मा भी दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सबसे पिछड़े परिवारों को ऊपर उठाना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 27 जिलों का सर्वांगीण विकास हमार लक्ष्य है। जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ हर नागरिक को मिले, इसे हमें देखना है। डॉ. सिंह ने कहा कि बगीचा इलाके की ख्ूाबसूरती और बढ़ाने के लिए ज्यादा मात्रा में सघन पौधारोपण किया जाएगा। लीची फसल की इस इलाके में ज्यादा संभावनाएं चिन्हित की गई हैं। इसके अलावा कटहल के पौधे की भी अच्छी फसल होती हैं। ये फसलें यहां के निवासियों के लिए आमदनी का साधन बने, इसके लिए कार्य-योजना बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर और मैनपाट दुनिया के अलौकिक क्षेत्रों में से हैं। उन्होंने कहा कि शहद उत्पादन के लिए इस इलाके में मधुमक्खी पालन की भी अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस अंचल में दोना-पत्तल सहित लघु वनोपजों के प्रसंस्करण की अच्छी सुविधाएं मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर पण्डरापाट इलाके में लघु सिंचाई योजना की भी मंजूरी प्रदान की। डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सघन विद्युतीकरण योजना लेकर आयी है। अब हर मजरे-टोले मेें बिजली पहुंचाएंगे। अगले एक-दो साल में कोई घर बिजली सुविधा से अछूता नहीं रहेगा। यदि किसी कारण से परम्परागत बिजली मुहैया कराना संभव नहीं होगा तो राज्य सरकार अपने खर्चे से सोलर बिजली हितग्राही के घर तक पहुंचाकर उनका घर रोशन करेगी।
मुख्यमंत्री डॉं रमन सिंह ने आज पण्डरापाठ में आयोजित विशाल आदिवासी सम्मेलन में जशपुर जिले की जनता को लगभग 67 करोड़ 69 लाख रूपये के विकास कार्यो की सौगात दी। उन्होंने लगभग 17 करोड़ 53 लाख रूपये के 9 कार्यो का लोकार्पण और लगभग 50 करोड़ 16 लाख रूपये के 7 कार्यो का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जिले की विशेष पिछड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों को कंबल वितरित किए । उन्होंने हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत् सामग्री आदि का भी वितरण किया। डॉ. सिंह ने कार्यक्रम में बगीचा विकास खण्ड के लिए लगभग तीन करोड़ 62 लाख रूपये की लागत से निर्मित चार आश्रम शाला भवनों का भी लोकार्पण किया। इन आश्रम शाला भवनों में से लरंगा ग्राम में 74.03 लाख रूपये की लागत से, रोकड़ापाठ विकास खण्ड के रोकड़ापाठ ग्राम में 95.63 लाख रूपये की लागत से, पसिया ग्राम में 95.63 लाख रूपये की लागत से और कवई ग्राम पंचायत के कुरंवा ग्राम में 97.34 लाख रूपये की लागत से आदिवासी कन्या आश्रम का निर्माण किया गया है। डॉ. सिंह ग्राम पण्डरापाठ के कार्यक्रम में मनोरा विकास खण्ड के तलोरा-ओरडीह ग्राम में लगभग एक करोड़ 58 लाख रूपये की लागत से लावा नदी में तलोरा मार्ग पर निर्मित हाई लेवल ब्रिज का, बगीचा विकास खण्ड के बिमड़ा ग्राम में लगभग दस करोड़ 35 लाख रूपये की लागत से निर्मित विमड़ा से बेलवार सड़क, बगीचा विकास खण्ड के बगीचा ग्राम में लगभग एक करोड़ 28 लाख रूपये की लागत से निर्मित कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय भवन, कांसाबेल विकास खण्ड के सराईपानी ग्राम में 29.80 लाख रूपये की लागत से हाईस्कूल सराईपानी में निर्मित अतिरिक्त कक्ष, फरसाबहार विकास खण्ड के अंकिरा ग्राम में 38.40 लाख रूपये की लागत से हाईस्कूल अंकिरा में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण करेंगे।
डॉ. सिंह ने 50 करोड़ 16 लाख रूपये की लागत से 7 कार्य का भूमि पूजन किया। पण्डरापाठ में वृहद स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करते हुए विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लगभग 122 लाख रूपये की सामग्री का वितरण किया। इसमें टसर धागाकरण मशीन, ट्रेेक्टर ट्राली, नि:शक्तजनों को कृत्रिम उपकरण जैसे श्रवण यंत्र, व्हील चेयर, छड़ी, सोलर लालटेन, कृषि पंप, कृषि उपकरण, बैल जोड़ी, विशेष आवश्यकता वाले स्कूली बच्चों को अध्ययन सामग्री, स्वरोजगार के लिए लोन इत्यादि का वितरण किया जायेगा।

 

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