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159 घंटे ओवरटाइम करने के चलते जापानी महिला पत्रकार की मौत, 4 साल बाद खुलासा
Posted on : 06-October-2017 12:42:47 pm
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एजेंसी 

टोक्योः जापान में 4 साल बाद एक महिला पत्रकार की मौत  की वजह सामने आने पर दुनिया में नई बहस छिड़ गई है। जापान की सरकारी प्रसारण संस्था एनएचके ने बताया कि उनकी कर्मचारी मिवा सादो की जान ज्यादा काम करने की वजह से गई थी। कंपनी ने उनकी मौत के चार साल बाद यह जानकारी सार्वजनिक की है।159 घंटे ओवरटाइम करने के चलते मरने वाली ये महिला पत्रकार एक पॉलिटिकल रिपोर्टर थीं। 

159 घंटे ओवरटाइम से गई महिला कर्मी की जान,  दुनिया में छिड़ गई नई बहस

मिवा सादो की मृत्यु साल 2013 में हार्टअटैक से हुई थी लेकिन उनकी ऑर्गनाइजेशन ने इसी हफ्ते उनके केस को सार्वजनिक किया है। जापान नेशनल हेल्थ सर्विस की ओर से जांचकर्ताओं ने मिवा की मौत के पीछे ओवरटाइम को वजह बताया था। जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि 31 वर्षीय मिवा की मौत कारोशी यानी अधिक काम करने के चलते हुई है। मिवा ने 30 दिन में सिर्फ 2 दिन की छुट्टी ली थी। कारोशी ओवरटाइम के लिए एक जापानी शब्द है।

ब्रिटिश डेली द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के नेशनल ब्रॉडकास्टर एनएचके के लिए टोक्यो मेट्रोपोलिटन गवर्नमेंट को कवर करने वाली जर्नलिस्ट मिवा की लोकल इलेक्शन की रिपोर्टिंग के तीन दिन बाद ही हुई थी।   आपको बता दें कि साल 2015 में भी एडवरटाइजिंग एजेंसी में काम करने वाले व्यक्ति की मौत महीने में 100 घंटे ओवरटाइम करने के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद जापान में वर्क कल्चर को बदलने की मांग की गई थी। एक सर्वे के मुताबिक जापान में 20 प्रतिशत वर्कफोर्स पर कारोशी के चलते मौत का खतरा है। ये लोग महीने में 80 घंटे से अधिक तक का ओवरटाइम करते हैं।