विशेष रिपोर्ट
चोरी की देरी से सूचना देने पर खारिज नहीं हो सकता बीमे का दावा- सुप्रीम कोर्ट
Posted on : 06-October-2017 11:25:14 am
Share On WhatsApp

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि वाहन की चोरी की सूचना तुरंत बीमाकर्ता को जरूरी है। लेकिन इस शर्त का वास्तविक बीमा बीमा क्लेम देने से इनकार करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। खासकर जब तक सूचना या दस्तावेज देने में देरी के लिए ऐसी परिस्थितियां हों, जिससे बचा नहीं जा सकता हो। 

संबंधित चित्र

जस्टिस आरके अग्रवाल और जस्टिस एसए नजीर की पीठ ने यह आदेश देते हुए कहा कि बीमा क्लेम को खारिज करने के योग्य आधार होने चाहिए। शुद्ध रूप से तकनीकी आधारों पर क्लेम खारिज करने से लोगों का बीमा उद्योग पर से विश्वास उठ जाएगा।  मामले के अनुसार चोरी हुए वाहन की सूचना बीमाकर्ता को देने में आठ दिनों की देरी हो गई थी। कोर्ट ने कहा कि यदि बीमित व्यक्ति देरी के कारणों को संतोषजनक ढंग से बता देता है, तो ऐसे क्लेम को देरी के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि वास्तविक और सही क्लेम को खारिज करना उचित नहीं है, जो कि पहले से ही सत्यापित हो चुका है और उसे जांचकर्ता द्वारा सही पाया गया है। 

कोर्ट ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून उपभाक्ताओं के कल्याण के लिए बनाया गया है। दावे का फैसला करते हुए उपभोक्ता अदालत को तकनीकी बारीकियों को नजरअंदाज करना चाहिए और इस आधार क्लेम को खारिज नहीं किया जाना चाहिए। यह कहकर सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनी के पक्ष में उपभोक्ता आयोग का फैसला खारिज कर दिया। 

साभार हिंदुस्तान न्यूज से