राष्ट्रीय
आरुषि-हेमराज मर्डर केस पर HC का फैसला आज
Posted on : 12-October-2017 2:04:15 pm
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नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली से सेट नोएडा के सेक्टर-25 (जलवायु विहार) में  15 मई 2008 को आरुषि-हेमराज हत्याकांड ने पूरे देश को अंदर से हिला दिया था। पेशे से चिकित्सक दंपति पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी आरुषि (14 साल) और अपने नौकर हेमराज (45 साल) की नृशंस हत्या कर दी थी और सबूत मिटाने की कोशिश की थी।

आरुषि-हेमराज मर्डर केस के लिए चित्र परिणाम

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब आरुषि के पिता ने अपनी बेटी को जान से मारने के शक में अपने नौकर हेमराज पर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस हेमराज को खोजने के लिए बाहर चली गई लेकिन अगले ही दिन नोएडा के एक अवकाश प्राप्त पुलिस उपाधीक्षक के के गौतम ने उसी फ्लैट की छत पर हेमराज का शव बरामद किया। इस मामले की जांच के दौरान कई मोड़ आए जिससे इस मामले की जांच हर बार नए मोड़ पर गई।

16 मई, 2008: आरुषि के माता-पिता ने उसे बेडरूम में मृत पाया। उसका गला रेता गया था और मामले की शुरुआत में इसका शक उनके नौकर हेमराज पर था। लेकिन जब आरुषि के माता-पिता राजेश और नुपूर तलवार अपनी बेटी की अस्थियां विसर्जन करने के लिए हरिद्वार गए हुए थे तो जलवायु विहार के उसी मकान की छत पर हेमराज का शव भी मिला।

 इसकी बाद पुलिस की जांच हेमराज से हटकर तलवार दंपत्ति पर घूम गई। पुलिस ने कहा कि राजेश तलवार ने इसलिए आरुषि और हेमराज की हत्या कि क्योंकि दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। इसके बाद परिवार दंपत्ति ने पुलिस की जांच पर ही सवाल उठाए और कहा कि बिना फॉरेंसिक जांच और सबूतों के अभाव में जांच को भटकाने का आरोप लगाया।