राजधानी

आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए बनेंगे एक सौ मकानों की कॉलोनी : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की घोषणा

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के सुदूरवर्ती और अंतिम छोर के नक्सल प्रभावित विकासखंड और जिला मुख्यालय सुकमा में बस स्टैंड विस्तारीकरण के लिए चार करोड़ रूपए मंजूर करने की घोषणा की है। उन्होंने बीजापुर जिले के विकासखंड और तहसील मुख्यालय भोपालपट्नम में अंतर्राज्यीय बस स्टैंड निर्माण के लिए भी सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। डॉ. सिंह ने सुकमा से लगे हुए ग्रामीण क्षेत्र में आत्मसमर्पित एक सौ नक्सलियों के लिए पुनर्वास योजना के तहत आवासीय कॉलोनी बनवाने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए प्रति मकान एक लाख रूपए बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण से मंजूर किए जाएंगे और जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 75 हजार रूपए के मान से अनुदान की राशि भी दी जाएगी। इसमें से 15 हजार रूपए शौचालय निर्माण के लिए होंगे।

     मुख्यमंत्री आज सवेरे यहां अपने निवास कार्यालय में ई-जनदर्शन के तहत राज्य के बस्तर संभाग के चार विकासखंडों- सुकमा, भोपालपट्नम, बीजापुर (दोनों जिला-बीजापुर) और कुआकोंडा (जिला दंतेवाड़ा)  के जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उनकी समस्याएं सुन रहे थे। उन्होंने कई समस्याओं का त्वरित निराकरण किया। डॉ. सिंह ने आज के ई-जनदर्शन की शुरूआत सुकमा से की। सुकमा के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में मौजूद नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी बाई ने मुख्यमंत्री को नगर पंचायत के बस स्टैंड के विकास और विस्तार की जरूरत बताते हुए यह भी कहा कि इसमें चार करोड़ रूपए की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर से कहा कि बस स्टैंड विस्तारीकरण का प्रस्ताव आज ही नगरीय प्रशासन विभाग को मंत्रालय में भेज दिया जाए। डॉ. सिंह ने सुकमा में प्रधानमंत्री आवास योजना के 668 हितग्राही परिवारों को एक महीने के भीतर पट्टा दिलाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने इसके लिए कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सुकमा जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती आराधना मरकाम ने मुख्यमंत्री को ग्राम पंचायत रामाराम में खेल मैदान और उसी ग्राम पंचायत के ग्राम कुड़केल में सौर ऊर्जा आधारित नल-जल योजना भी स्वीकृत करने की घोषणा की।
डॉ. सिंह ने सुकमा जिला पंचायत के सदस्य श्री धनीराम बारसे के आग्रह पर ग्राम झापरा में स्वीकृत करने का भी आश्वासन दिया। श्री बारसे ने मुख्यमंत्री को बताया कि सुकमा जिले में मनरेगा के तहत लगभग एक करोड़ रूपए का भुगतान बाकी है। इसी प्रकार जनपद सदस्य श्री धनीराम बारसे ने भी मनरेगा मजूदरी भुगतान तथा सामग्री के देयकों के लिए राशि की मांग पर मुख्यमंत्री जी ने जल्द ही राशि प्रदेश से जारी करने कहा। साथ ही झापरा में एक छात्रावास तथा सामुदायिक भवन की मांग पर निर्माण करवाने की स्वीकृति दी।

इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि भारत सरकार से कल मनरेगा के लिए राज्य का आवंटन प्राप्त हो गया है। इसमें से सुकमा की बकाया राशि भेज दी जाएगी। श्री बारसे ने सुकमा जिले में शबरी नदी के किनारे ग्राम झापरा में आदिवासी बालक-बालिकाओं के लिए छात्रावास की मांग भी रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव को नोट कर लिया गया है और इसका जल्द परीक्षण किया जाएगा। डॉ. सिंह ने बीजापुर जिले के भोपालपट्नम विकासखंड के लोगों से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनके अनेक समस्याओं का निराकरण किया। जिला पंचायत बीजापुर के सदस्य श्री वसंत ताटी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में अच्छी सड़क बन रही हैं।

भोपालपट्नम दो राज्यों-महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश से लगा हुआ है। इसलिए वहां के बस स्टैंड को अंतर्राज्यीय बस स्टैंड के रूप में विकसित करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने उनके सुझाव पर सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की। डॉ. सिंह ने कहा-भोपालपट्नम निश्चित रूप से आगे चलकर बीजापुर जिले का सबसे बड़ा व्यावसायिक केन्द्र बनेगा। इसकी संभावना को देखते हुए वहां वर्तमान बस स्टैंड के विस्तारीकरण और उसे अंतर्राज्यीय बस स्टैंड के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सिंह ने भोपालपट्नम क्षेत्र में बिजली की समस्या को अगले पांच माह में पूर्ण रूप से निराकृत करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा-बीजापुर जिला मुख्यालय में 132 के.व्ही. क्षमता का विद्युत सब स्टेशन बनाया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में 33 के.व्ही. के चार विद्युत उपकेन्द्र भी स्वीकृत हैं। इनमें से एक उपकेन्द्र भोपालपट्नम में बनाया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सहज बिजली-हर घर योजना (सौभाग्य योजना) के तहत अगले छह माह में बीजापुर जिले में 20 हजार घरों को कनेक्शन देकर रौशन किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बीजापुर में 132 के.व्ही. उप-केन्द्र का निर्माण पूर्ण होने पर राज्य के कोरबा स्थित बिजली संयंत्रों से सीधे बिजली की आपूर्ति होगी और अगले कम से कम 20 साल तक इलाके में बिजली की समस्या नही रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा भोपालपट्नम से तारलागुड़ा तक डब्ल्यू बी.एम. सड़क निर्माण भी तेजी से हो रहा है। इसका डामरीकरण भी किया जाएगा। इस सड़क पर पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सदस्य श्री वसंत ताटी के आग्रह पर भोपालपट्नम क्षेत्र में धान के सुरक्षित संग्रहण के लिए चिन्हांकित धान उपार्जन केन्द्रों में बारबेट फेंसिंग और प्लेटफार्म निर्माण भी जल्द करवाने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री के साथ आज के ई-जनदर्शन में उनके निवास कार्यालय में वन और विधि मंत्री श्री महेश गागड़ा, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री व्ही.व्ही.आर. सुब्रमणियम, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री आर.पी. मंडल, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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